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भारत में जहां एक ओर लोग निजीकरण, शहरीकरण और तेजी से जीवन शैली के बारे में बात कर रहे हैं, वहां कुछ समुदाय के लोग रोटी, कपडा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें अपने बुनियादी अधिकारों की भी पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसके लिए प्रमुखता से काम करने वाली संस्थाओं में से सेवा सदन एक है।

संस्था का नाम “सेवा सदन’ का मतलब होता है कि “वह स्थान जहाँ पर सेवा होती है।” भोजन, साक्षरता, स्वस्थ्य एवं रोजगार के लिए असहाय लोगों हेतु गैर सरकारी संगठन के रूप में सेवा सदन एक वरदान है। यह संगठन लगभग सभी जगहों पर पुरुषों, महिलाओं और राष्ट्र के उभरते हुए भविष्य “बच्चों” के जीवन को बेहतर बनाने का काम कर रहा है।

विशेष रूप से जरूरतमंद बच्चों के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता को सेवा सदन ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। हम उनके लिए विशेष मार्गदर्शन व बेहतर अध्ययन की व्यवस्था कर उनके आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करते हैं। यहां वे न केवल आगामी कक्षा की परीक्षा के लिए तैयारी करवाई जाती है, लेकिन उन्हें उनके जीवन के प्रत्येक चुनौती का सामना करना करने के लिए तैयार किया जाता है।

लगातार बढ़ता प्रदूषण स्तर वर्तमान में भारत का एक प्रमुख विषय है। जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। सेवा सदन ने स्थिति विशेष की गंभीरता को ध्यान देते हुए पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए एक टीम का गठन कर दिया है। जिसके तहत सवा सौ करोड़ वृक्षारोपण की योजना है। यह टीम समय-समय पर वृक्षारोपण, पानी बचाने, व्यक्तिगत स्वच्छता, जैविक खेती, शिक्षा आदि से सम्बंधित अभियान चलाते हुए लोगों को स्वस्थ परिवार, समाज, पर्यावरण और शिक्षा के प्रति जागरूक करती है।

सेवा सदन ने विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी और अन्य समाज कल्याण के संगठनों से धन संग्रह कर आपदा प्रभावित लोगों के मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति पूरी जिम्मेदारी से करता है।

संगठन लोगों को उनके मौलिक अधिकारों के बारे में जागरूक करते हुए राज्य सरकार व केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में सहायता भी करता है;  सेवा सदन इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिकतम ज़रूरतमंदों तक पहुचे इस दिशा में भी काम करता है। इसके अलावा, यह ग्रामीण, आदिवासी और अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए अनुसंधान अभियान शुरू कर चुका है जिसके तहत शहरी लोगों में सामाजिक जागरूकता पैदा कर इनके बेहतर जीवन के लिए सहायक होने की प्रेरणा दे जाती है।